कोरिया/रायपुर।
छत्तीसगढ़ में आयुष चिकित्सकों की लंबित मांगों और रोजगार के अवसरों को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद हुई है। भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ, जिला कोरिया के संयोजक डॉ. भुवन भास्कर साहू ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को ज्ञापन सौंपकर राष्ट्रीय आयुष मिशन (NAM) के तहत आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों के संविदा पदों की संख्या बढ़ाने तथा वर्ष 2022 से लंबित नियमित भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र प्रारंभ करने की मांग की है।
डॉ. साहू ने ज्ञापन में कहा कि हाल ही में राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत जारी संविदा भर्ती विज्ञापन में पूरे प्रदेश के लिए केवल 48 पद स्वीकृत किए गए हैं, जबकि प्रदेश में बड़ी संख्या में योग्य एवं प्रशिक्षित आयुष चिकित्सक रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इतनी कम संख्या में पद जारी होने से योग्य अभ्यर्थियों में निराशा का माहौल है।
प्रमुख मांगें
ज्ञापन के माध्यम से डॉ. भुवन भास्कर साहू ने शासन के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखीं—
राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत जारी संविदा भर्ती में पदों की संख्या में पर्याप्त वृद्धि की जाए।
वर्ष 2022 से बंद पड़ी आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों की नियमित भर्ती प्रक्रिया को तत्काल प्रारंभ किया जाए।
योग्य एवं अनुभवी आयुष चिकित्सकों को जनसेवा का अवसर प्रदान किया जाए, ताकि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक आयुष स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हो सके।
प्रधानमंत्री के विजन का किया उल्लेख
ज्ञापन सौंपते हुए डॉ. साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उद्देश्य आयुर्वेद, योग एवं भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य स्तर पर आयुष चिकित्सकों के पर्याप्त पद ही उपलब्ध नहीं होंगे, तो इस लक्ष्य को प्रभावी रूप से हासिल करना कठिन होगा। उन्होंने प्रदेश सरकार से आयुष सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए नियमित भर्ती और पर्याप्त पद सृजित करने की मांग की।
आयुष चिकित्सकों में जगी उम्मीद
डॉ. साहू की इस पहल के बाद प्रदेश के आयुष चिकित्सकों और युवाओं में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। लंबे समय से भर्ती और पदों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रहे चिकित्सकों का मानना है कि यदि शासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करता है, तो इससे न केवल चिकित्सकों को रोजगार मिलेगा, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था भी अधिक मजबूत होगी।आयुष चिकित्सकों की मांगों को लेकर सौंपा गया यह ज्ञापन प्रदेश में आयुष सेवाओं के विस्तार, रिक्त पदों की पूर्ति और नियमित भर्ती की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अब यह देखना होगा कि राज्य सरकार इन मांगों पर कितना सकारात्मक और शीघ्र निर्णय लेती है।
*इनका कहना है*
“आयुष चिकित्सकों का सम्मान और उनका भविष्य हमारी प्राथमिकता है। योग्य चिकित्सकों को पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। जब तक आयुष चिकित्सकों के हितों की रक्षा और नियमित भर्ती सुनिश्चित नहीं होती, तब तक हमारी मांग शासन के समक्ष मजबूती से उठती रहेगी।”
*— डॉ. भुवन भास्कर साहू, जिला* *संयोजक, भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ, कोरिया*













